पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक टेलीविजन संबोधन में अमेरिकी चुनाव प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने चीन द्वारा मतदाताओं के डेटा की चोरी करने का आरोप लगाया, हालांकि इस दावे के समर्थन में ठोस सबूत पेश नहीं किए गए। ट्रंप ने मतदान मशीनों और डाक मतपत्रों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने उन टीवी चैनलों को भी चेतावनी दी जिन्होंने उनका भाषण प्रसारित नहीं किया, उनके लाइसेंस रद्द करने की धमकी दी। ट्रंप के दावों का कई विशेषज्ञों ने खंडन किया है, और उनका कहना है कि अमेरिकी चुनाव प्रणाली सुरक्षित है। यह संबोधन आगामी चुनावों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है और संभावित गलत सूचना के प्रसार को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। ट्रंप का भाषण चुनावी प्रक्रिया पर जनता के विश्वास को कमजोर करने का प्रयास माना जा रहा है।