अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ अपने "बहुत अच्छे संबंधों" का हवाला देते हुए दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यासों में "पर्याप्त कमी" लाने का कहा है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर यह भी उल्लेख किया कि दक्षिण कोरिया ने हाल ही में ईरान के "अणु निरस्त्रीकरण" में अमेरिका के साथ जुड़ने से इनकार कर दिया था। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया दशकों से उत्तर कोरिया के परमाणु खतरों का मुकाबला करने के लिए सैन्य अभ्यास कर रहे हैं। इस फैसले से क्षेत्र में तनाव और सुरक्षा परिदृश्य पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञ इस फैसले के पीछे के राजनीतिक और रणनीतिक कारणों पर बहस कर रहे हैं। यह कदम दक्षिण कोरिया के साथ अमेरिका के संबंधों में संभावित बदलाव का संकेत देता है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि राजनयिक प्रयासों से ही उत्तर कोरिया के साथ बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।