अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता रविवार को हस्ताक्षरित किया जाएगा। ट्रंप का दावा है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करने से पीछे हट जाएगा और अपने समृद्ध यूरेनियम भंडार को नष्ट कर देगा। हालांकि, ईरान की ओर से इस समझौते को लेकर स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। तेहरान ने अभी तक समझौते की शर्तों की पुष्टि नहीं की है, जिससे अनिश्चितता बनी हुई है। यह समझौता दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। विश्लेषकों का कहना है कि समझौते की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि ईरान इसे पूरी तरह से लागू करता है या नहीं। इस समझौते से मध्य पूर्व में स्थिरता लाने में मदद मिल सकती है।
