अमेरिकी राष्ट्रपति ने शुक्रवार को घोषणा की कि रूस कम समय में संयुक्त राज्य अमेरिका और वैश्विक बाजारों को लगभग 5 मिलियन टन डीजल की आपूर्ति करने के लिए सहमत हुआ है। यह रूसी तेल पर लगे प्रतिबंधों के बावजूद हो रहा है। इस "समझौते" से यूरोप में चिंता पैदा हो गई है। यूक्रेन और उसके सहयोगियों ने इस समझौते पर कड़ी आपत्ति जताई है। माना जा रहा है कि इस कदम से रूस को प्रतिबंधों से बचने में मदद मिलेगी। यह समझौता यूरोपीय ऊर्जा बाजारों के लिए भी जटिलताएँ पैदा कर सकता है। विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम भू-राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है।