पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि 2020 के चुनाव में चीन ने लाखों डेटा चुराए थे। ट्रंप के अनुसार, चीन ने इलेक्ट्रॉनिक और डाक मतपत्रों के माध्यम से अमेरिकी चुनाव प्रणाली में सेंध लगाने का प्रयास किया, क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि वह चुनाव जीतें। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की वोटिंग प्रणाली अत्यधिक कमजोर है और आगामी मध्यावधि चुनाव को सुरक्षित करने की आवश्यकता है। ट्रंप ने इसे इतिहास का सबसे बड़ा उल्लंघन बताया है। यह आरोप अमेरिकी चुनाव सुरक्षा को लेकर चल रही चिंताओं को और बढ़ा सकता है। इस मामले पर अभी तक चीनी सरकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। ट्रंप ने बिना किसी ठोस सबूत के यह दावा किया है, जिससे इसकी सत्यता पर सवाल उठ रहे हैं।

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