पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक साक्षात्कार में ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते पर चर्चा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह समझौता ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लंबे समय तक नियंत्रित रखने के लिए महत्वपूर्ण है। ट्रंप के अनुसार, इस समझौते का प्रभाव आगामी 15 से 20 वर्षों तक बना रहेगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य ईरान की परमाणु क्षमताओं पर सख्त निगरानी रखना है। उन्होंने संकेत दिया कि यह रणनीतिक निर्णय भविष्य की सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए लिया गया। यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान की परमाणु गतिविधियों को रोकने की अमेरिकी कोशिशों को दर्शाता है। कुल मिलाकर, ट्रंप ने इस समझौते को दीर्घकालिक स्थिरता के लिए आवश्यक बताया।