डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने मध्यावधि चुनावों से कुछ हफ्ते पहले सुप्रीम कोर्ट में एक आपातकालीन याचिका दायर की है। यह याचिका डाक मतपत्रों पर नए नियमों को लागू करने की अनुमति मांगती है। नए नियमों के अनुसार, राज्यों को मतदाताओं की सूचियों को एक संघीय पोर्टल पर अपलोड करना होगा और अद्वितीय बारकोड का उपयोग करना होगा। यदि राज्य ऐसा नहीं करते हैं, तो डाक सेवा नागरिकों को मतपत्र वितरित नहीं करेगी। इस कदम को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है, क्योंकि आलोचकों का कहना है कि यह मतदान के अधिकार को सीमित करने का प्रयास है। ट्रम्प प्रशासन का तर्क है कि यह कदम चुनाव की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले पर विचार करेगा और यह तय करेगा कि क्या इन नियमों को लागू करने की अनुमति दी जानी चाहिए। इस फैसले का आगामी चुनावों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।