पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने अमेरिकी स्वच्छ ऊर्जा बाजार से चीनी कंपनियों को लगभग पूरी तरह से बाहर कर दिया। इस प्रक्रिया के दौरान, चीनी कंपनियों द्वारा विकसित महत्वपूर्ण तकनीकों को अमेरिका ने हासिल कर लिया है। ट्रम्प प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए चीनी कंपनियों पर कई प्रतिबंध लगाए थे। इन प्रतिबंधों के कारण चीनी कंपनियों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में भारी कठिनाई हुई। परिणामस्वरूप, कई चीनी कंपनियां अमेरिका से अपना कारोबार बंद करने या स्थानांतरित करने के लिए मजबूर हो गईं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से अमेरिका को स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने में मदद मिलेगी, लेकिन यह चीन और अमेरिका के बीच व्यापार तनाव को भी बढ़ा सकता है। इस नीति का दीर्घकालिक प्रभाव अभी भी स्पष्ट नहीं है।