डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन शरणार्थी कानून में कथित “छेद” बंद करने की योजना बना रहा है। इस नई नीति का उद्देश्य शरणार्थियों के मामलों की सुनवाई कम करना और निष्कासन की प्रक्रिया को तेज करना है। आलोचकों का कहना है कि यह कदम शरणार्थियों की सुरक्षा प्रणाली को कमजोर करने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास है। प्रशासन का तर्क है कि यह बदलाव अवैध आव्रजन को रोकने के लिए आवश्यक है। नई नीति के तहत, शरण आवेदकों को कम सुनवाई का अवसर मिलेगा और उन्हें जल्दी से उनके गृह देशों में वापस भेजा जा सकता है। मानवाधिकार समूहों ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है क्योंकि यह लोगों को वास्तविक खतरे से बचाता नहीं है। इस नीति से शरण चाहने वालों की स्थिति और भी कठिन हो जाएगी।