अमेरिकी समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन यूरोप में 'दक्षिणपंथी' मीडिया संस्थानों को 4 मिलियन डॉलर देने की योजना बना रहा है। यह धनराशि इन मीडिया संगठनों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए आवंटित की जाएगी। इस कदम की आलोचना करते हुए कहा गया है कि यह विदेशी मीडिया में राजनीतिक प्रभाव डालने का प्रयास हो सकता है। माना जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन अपने समर्थकों के विचारों को बढ़ावा देने के लिए इस फंडिंग का उपयोग कर सकता है। यह निर्णय यूरोपीय संघ के सदस्यों के बीच चिंता पैदा कर रहा है, जो मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। इस मामले में आगे की जानकारी का इंतजार है, लेकिन यह स्पष्ट है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद पैदा कर सकता है।