पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक महत्वपूर्ण परमाणु समझौते को मंजूरी दी है जिससे सऊदी अरब को यूरेनियम संवर्धन करने की अनुमति मिल सकती है। यह समझौता दो एसोसिएटेड प्रेस के सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है। इस समझौते के तहत, सऊदी अरब को नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम विकसित करने की संभावना मिलेगी। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि इससे क्षेत्र में परमाणु हथियारों की दौड़ शुरू हो सकती है। इस फैसले से मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका है। समझौते की सटीक शर्तें अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई हैं, लेकिन इसमें अमेरिकी कंपनियों द्वारा सऊदी अरब को परमाणु तकनीक और विशेषज्ञता प्रदान करने की संभावना है। इस कदम को लेकर सुरक्षा विशेषज्ञों और गैर-प्रसार समूहों में चिंता व्यक्त की जा रही है।