अमेरिकी अटॉर्नी जीनिन पिरो, जो ट्रंप द्वारा नियुक्त की गई थीं, ने स्वीकार किया है कि रिफ्लेक्टिंग पूल में छिलने वाले सीलेंट की समस्या 'खराब इंस्टॉलेशन' का परिणाम है। इस स्वीकारोक्ति के बाद, ट्रंप प्रशासन डेविड हेर्न के खिलाफ लगे आरोपों को खारिज करने की तैयारी कर रहा है। यह मामला नेशनल मॉल के रिफ्लेक्टिंग पूल के नवीनीकरण से संबंधित था। पिरो के बयान से संकेत मिलता है कि सरकार अब हेर्न को दोष देने के बजाय इंस्टॉलेशन प्रक्रिया में खामियों को जिम्मेदार मान रही है। इस निर्णय से हेर्न को बड़ी राहत मिलेगी, जिन पर पहले पूल को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया था। यह घटना सरकारी परियोजनाओं में गुणवत्ता नियंत्रण और जवाबदेही पर भी सवाल उठाती है। अब इस मामले में आगे की कार्यवाही पर सभी की निगाहें टिकी हैं।