पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ईरान के परमाणु कार्यक्रम और हथियारों पर निगरानी रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र की उपयोगिता को स्वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इतिहासकार ब्रूनो कार्डोसो रेइस ने यह बात कही है। रेइस के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन ने पहले संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को कम करके आंका था, लेकिन ईरान के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र की निगरानी महत्वपूर्ण साबित हुई। इसके अतिरिक्त, रेइस ने यूक्रेन को ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में एक उभरती हुई महाशक्ति बताया है। यूक्रेन ने ड्रोन के उपयोग में उल्लेखनीय प्रगति की है और यह अब इस क्षेत्र में अग्रणी देशों में से एक है। यह टिप्पणी भू-राजनीतिक परिदृश्य में संयुक्त राष्ट्र और यूक्रेन की बदलती भूमिका को दर्शाती है। रेइस का विश्लेषण वर्तमान अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।