इंडोनेशिया लौटने वाले हाजियों को पवित्र भूमि से प्राप्त सकारात्मक मूल्यों को अपने साथ लाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन मूल्यों में अनुशासन, भाईचारा और सामाजिक जिम्मेदारी शामिल हैं। तीर्थयात्रियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे इन मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में उतारें और देश के विकास में योगदान दें। सरकार का मानना है कि हाज यात्रा न केवल एक धार्मिक कर्तव्य है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। हाजियों को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। तीर्थयात्रा का अनुभव व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ देश के लिए भी लाभकारी होना चाहिए।