चेक गणराज्य में प्राग और ओस्ट्रावा के बीच रेल मार्ग पर पिछले साल नवंबर में हुए केबल चोरी के मामले में तीन आरोपियों ने अदालत में अपना गुनाह कबूल किया है। जान इस्टोक (51), मार्टिन मिर्गा (42) और उसके बेटे निकोलस मिर्गा (22) ने स्वीकार किया कि उन्होंने अतिरिक्त पैसे कमाने के लिए यह अपराध किया। इस चोरी के कारण रेल यातायात पूरी तरह से ठप हो गया था, जिससे दसियों हजार यात्रियों को परेशानी हुई। तीनों आरोपियों ने अदालत में अपने किए पर पश्चाताप व्यक्त किया। अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी कर दोषियों को सजा सुनाने के लिए आगे की तारीख निर्धारित कर दी है। इस घटना से चेक रेलवे प्रणाली की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की बात कही है।