कैथोलिक चर्च में विभाजन की आशंका बढ़ गई है क्योंकि ‘फ्रेटेर्निटी सैकेर्डोटल सैन पियो एक्स’ नामक संगठन वेटिकन की अनुमति के बिना अपने बिशप नियुक्त करने की तैयारी कर रहा है। इस संगठन के बिशप, मार्सेल लेफेब्रे, पोप लियोन XIV की सहमति के बिना बिशपों को नियुक्त करने का इरादा रखते हैं। वेटिकन ने इसे चर्च के नियमों का उल्लंघन माना है और चेताया है कि ऐसा करने पर संगठन के सदस्यों को तत्काल निष्कासित किया जा सकता है। यह कदम कैथोलिक चर्च में पहले से मौजूद मतभेदों को और गहरा कर सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि यह चर्च के भीतर एक गंभीर संकट पैदा कर सकता है। इस मामले को लेकर वेटिकन और संगठन के बीच तनाव बढ़ रहा है। यह घटनाक्रम कैथोलिक समुदाय में चिंता का विषय बन गया है।
