दक्षिण कोरिया में, सदियों पुरानी पारंपरिक शिकार विधि, जिसमें बाज जैसे शिकारी पक्षियों का उपयोग किया जाता है, विवादों में घिर गई है। यह प्रथा, जिसमें पक्षियों के पैरों में बांधकर शिकार किया जाता है, पशु अधिकार कार्यकर्ताओं के निशाने पर है। आलोचकों का कहना है कि यह जानवरों के प्रति क्रूरता है और पक्षियों को अनावश्यक पीड़ा पहुंचाती है। पारंपरिक रूप से, यह शिकार विधि कोरियाई संस्कृति का हिस्सा रही है, लेकिन आधुनिक समय में इसकी नैतिकता पर सवाल उठ रहे हैं। सरकार और संबंधित अधिकारियों द्वारा इस प्रथा पर निगरानी रखने और पशु कल्याण सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है। इस मामले में, पक्षियों के पैरों में बांधे जाने वाले उपकरणों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि इनसे उन्हें गंभीर चोट लग सकती है।