बाल्टिक सागर के अधिकांश हिस्सों में जहरीले नीले-हरे शैवाल, जिन्हें सायनोबैक्टीरिया भी कहा जाता है, पाए गए हैं। ये शैवाल मनुष्यों और जानवरों दोनों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इनके संपर्क में आने से बुखार सहित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञ जल गतिविधियों में सावधानी बरतने और दूषित पानी पीने से बचने की सलाह दे रहे हैं। वर्तमान में, शैवाल की वृद्धि के कारण कई समुद्र तटों को बंद कर दिया गया है। स्थिति की निगरानी जारी है और जनता को नवीनतम जानकारी प्रदान की जा रही है। यह घटना जलवायु परिवर्तन और पोषक तत्वों के प्रवाह से जुड़ी है, जिससे शैवाल की वृद्धि को बढ़ावा मिलता है।