हाल के वर्षों में, पर्यटकों द्वारा अद्वितीय तस्वीरें लेने और सोशल मीडिया चुनौतियों को पूरा करने के प्रयास में कई ऐतिहासिक स्मारकों और स्थलों को नुकसान पहुंचाया गया है। यह प्रवृत्ति दुनियाभर में देखी जा रही है, जहां पर्यटक अक्सर अपनी सेल्फी या तस्वीरों के लिए नियमों का उल्लंघन करते हैं और धरोहरों को क्षति पहुंचाते हैं। इस लापरवाही के कारण प्राचीन इमारतों, कलाकृतियों और प्राकृतिक सौंदर्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। अधिकारियों ने इस समस्या को गंभीरता से लिया है और पर्यटकों को जागरूक करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें शामिल हैं सख्त नियम लागू करना, निगरानी बढ़ाना और पर्यटकों के लिए उचित मार्गदर्शन प्रदान करना। फिर भी, यह मुद्दा एक चुनौती बना हुआ है, क्योंकि सोशल मीडिया पर 'परफेक्ट' तस्वीर लेने की होड़ लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटकों को जिम्मेदारी से व्यवहार करने और सांस्कृतिक धरोहरों का सम्मान करने के लिए प्रोत्साहित करना आवश्यक है।