फ्रांस की एक अदालत ने ऊर्जा कंपनी टोटलएनर्जीज़ को अपने ग्राहकों द्वारा किए गए कार्बन उत्सर्जन के लिए जवाबदेह ठहराया है। कोर्ट ने कंपनी को यह स्पष्ट करने का आदेश दिया है कि वह अपने ग्राहकों के उत्सर्जन को कैसे मापती है और उन्हें कम करने के लिए क्या कदम उठा रही है। यह मामला जलवायु परिवर्तन को लेकर कंपनियों के खिलाफ बढ़ते कानूनी मुकदमों की श्रृंखला में नवीनतम है। पर्यावरण समूहों का तर्क है कि बड़ी कंपनियां जलवायु संकट के लिए जिम्मेदार हैं और उन्हें उत्सर्जन कम करने के लिए बाध्य किया जाना चाहिए। अदालत का यह फैसला कंपनियों पर जलवायु संबंधी दायित्वों को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से अन्य ऊर्जा कंपनियों पर भी इसी तरह के मुकदमे दायर हो सकते हैं। यह मामला वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन के खिलाफ कानूनी लड़ाई को और मजबूत करेगा।
