टोरंटो पुलिस ने हाल ही में एक जटिल 'किराए के गुंडों' के नेटवर्क का खुलासा किया है, जो शहर में हुई दर्जनों गोलीबारी की घटनाओं से जुड़ा है। इस नेटवर्क पर अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर मार्च में हुए हमले और शहर के कई आराधनालयों पर हमलों का भी आरोप है। पुलिस प्रमुख मायरोन डेमकीव के अनुसार, युवा और किशोरों को सिग्नल, टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से भर्ती किया जा रहा है। इन युवाओं को हमलों को अंजाम देने के लिए भुगतान किया जाता है और हमले की वीडियो रिकॉर्डिंग जमा करने की शर्त रखी जाती है। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह नेटवर्क बहुस्तरीय है और इसमें कई 'खराब तत्व' शामिल हैं। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और नेटवर्क के सभी सदस्यों को पकड़ने का प्रयास कर रही है। यह घटना युवाओं के बीच बढ़ती हिंसा और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग को लेकर चिंताएं बढ़ाती है।