अर्थशास्त्री प्रो. फेस्टस एबो टर्कसन ने घाना के जुबली फील्ड से तेल रिफाइन करने के लिए टेमा ऑयल रिफाइनरी (टीओआर) के निर्णय का वर्णन एक प्रमुख संरचनात्मक सुधार के रूप में किया है। उनका मानना ​​है कि यह कदम सेडी पर पड़ने वाले दबाव को कम कर सकता है और अर्थव्यवस्था को वैश्विक झटकों के प्रति अधिक लचीला बना सकता है। यह निर्णय घाना की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है। प्रो. टर्कसन के अनुसार, घरेलू स्तर पर तेल का प्रसंस्करण करने से विदेशी मुद्रा की ज़रुरत कम हो जाएगी, जिससे सेडी की स्थिरता में मदद मिलेगी। इससे घाना अपनी आर्थिक नीतियों पर अधिक नियंत्रण रख पाएगा और बाहरी आर्थिक कारकों के प्रभाव को कम कर पाएगा। यह कदम घाना को तेल उत्पादन और प्रसंस्करण में आत्मनिर्भरता की ओर ले जाएगा। यह संरचनात्मक परिवर्तन देश के आर्थिक विकास के लिए दीर्घकालिक लाभ प्रदान कर सकता है।