प्रमुख दस विश्वविद्यालयों ने 2028 के शैक्षणिक वर्ष के लिए अंडरग्रेजुएट प्रवेश में ‘एन-सुसंग’ (N-수생 - जो छात्र एक से अधिक बार प्रवेश परीक्षा देते हैं) के लिए सीमित सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की है। ये विश्वविद्यालय विशेष भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से छात्रों का चयन करेंगे, जहाँ पुनः प्रयास करने वाले छात्र आवेदन नहीं कर पाएंगे। रिपोर्टों के अनुसार, इन विश्वविद्यालयों ने 2.5 गुना अधिक सीटें ऐसी प्रक्रिया के लिए आवंटित की हैं। इस बदलाव का उद्देश्य संभवतः नए छात्रों को अधिक अवसर प्रदान करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पुनः प्रयास करने वाले छात्रों के लिए प्रतिस्पर्धा और बढ़ जाएगी। यह निर्णय आगामी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है। इस बदलाव से प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता लाने में मदद मिल सकती है।