सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार को बाल सैनिकों की भर्ती को अपराध घोषित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने सशस्त्र बलों में बच्चों के उपयोग को तत्काल रोकने और पूर्व बाल सैनिकों के पुनर्वास सुनिश्चित करने पर भी ज़ोर दिया है। यह फैसला लंबे समय से लंबित मामले पर आया है और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। न्यायालय ने सरकार को इस संबंध में कानून बनाने के लिए उचित कदम उठाने को कहा है। पुनर्वास कार्यक्रमों में शिक्षा, स्वास्थ्य और मनोवैज्ञानिक सहायता शामिल होनी चाहिए। इस आदेश से उन बच्चों को न्याय मिलने की उम्मीद है जो सशस्त्र संघर्षों में मजबूरन शामिल हुए हैं। सरकार अब इस आदेश पर अमल करने के लिए विधायी प्रक्रिया शुरू करेगी।