राष्ट्रपति तिनूबु ने अफ्रीकी संसाधनों के निरंतर शोषण को समाप्त करने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महाद्वीप को अपनी गरीबी दूर करने के लिए औद्योगीकरण को अपनाना चाहिए। राष्ट्रपति के अनुसार, कच्चे माल के निर्यात के बजाय मूल्यवर्धन (value addition) पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य के संसाधनों का निर्यात करना महाद्वीप के विकास के साथ खिलवाड़ है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अफ्रीका की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और आत्मनिर्भरता लाना है। तिनूबु ने स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की आवश्यकता बताई। अंततः, उन्होंने एक ऐसे आर्थिक ढांचे का आह्वान किया जो आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और समृद्ध हो।
