राष्ट्रपति Tinubu का प्रशासन नकली सरकारी एजेंसियों की बढ़ती संख्या से जूझ रहा है। ये एजेंसियां धोखाधड़ी से काम कर रही हैं और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग कर रही हैं। समाचार रिपोर्ट के अनुसार, इन एजेंसियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे राष्ट्रपति के लिए इन्हें नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है। सरकार ने इन संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन यह एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस मुद्दे पर जनता में भी चिंता बढ़ रही है, क्योंकि इससे सरकारी विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस समस्या से निपटने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं ताकि जनता का विश्वास बहाल किया जा सके। यह मामला नाइजीरिया में भ्रष्टाचार और प्रशासन की कमजोरियों को उजागर करता है।