हनोई पुलिस ने खुलासा किया है कि 27 कंपनियों ने लगभग 17,000 अवकाश स्वामित्व अनुबंधों के माध्यम से ₹2,700 करोड़ (2.7 ट्रिलियन डोंग) की धोखाधड़ी की है। इस धोखाधड़ी का मुख्य शिकार वरिष्ठ नागरिक रहे हैं। जांच में पता चला है कि इन कंपनियों ने निवेशकों को आकर्षक अवकाश पैकेज का वादा किया, लेकिन उन्हें कभी प्रदान नहीं किए। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया है और आगे की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यह धोखाधड़ी एक संगठित अपराध है और इसमें कई लोग शामिल हैं। पीड़ितों को उनके पैसे वापस दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। यह मामला अवकाश स्वामित्व योजनाओं में निवेश करने से पहले सावधानी बरतने की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।