बीबीसी की एक जांच से पता चला है कि यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध में रूस की तरफ से लड़ते हुए ३,५०० से अधिक विदेशी सैनिक मारे गए हैं। ये सैनिक ४० से अधिक देशों से आए थे, जिनमें क्यूबा और इक्वाडोर जैसे देश भी शामिल हैं। जांच में पता चला है कि रूस ने इन विदेशी लड़ाकों को आकर्षित करने के लिए वेतन और नागरिकता जैसे वादे किए थे। कई मामलों में, इन सैनिकों को युद्ध की वास्तविकताओं के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी। रिपोर्ट में इन सैनिकों की मौतों की सटीक संख्या और परिस्थितियों पर प्रकाश डाला गया है, जो इस संघर्ष में शामिल अंतर्राष्ट्रीय आयाम को दर्शाता है। यह खुलासा रूस के लिए लड़ने वाले विदेशी लड़ाकों की भागीदारी की सीमा को भी उजागर करता है। बीबीसी की यह जांच युद्ध में मानवीय लागत पर एक महत्वपूर्ण प्रकाश डालती है।

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