जकार्ता के मोनस के दक्षिणी प्लाज़ा में शुक्रवार को एक विशाल धार्मिक सभा आयोजित की गई, जिसमें बेटवी उलमा और हबीब की याद मनाई गई। इस कार्यक्रम में लगभग 20,000 मुसलमानों ने भाग लिया। यह सभा इंडोनेशिया के इस्लामी समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण घटना थी। कार्यक्रम में धार्मिक विद्वानों ने प्रवचन दिए और प्रार्थनाएं की गईं। आयोजकों ने बताया कि इस सभा का उद्देश्य बेटवी उलमा और हबीब के जीवन और शिक्षाओं को याद करना था। यह सभा शांतिपूर्ण और सद्भावपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। इस आयोजन से क्षेत्र में धार्मिक एकता और भाईचारे को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
