1986 के मेक्सिको विश्व कप में एक फिनिश फोटोग्राफर, जुहा तामिनेन, एक महत्वपूर्ण क्षण को कैद करने से चूक गए, जिसके लिए उन्हें चार दशकों से पछतावा हो रहा है। 22 जून को हुए मैच के दौरान, तामिनेन ने अपना कैमरा नीचे रख दिया था, ठीक उसी समय जब एक ऐतिहासिक घटना घटित हुई। उन्होंने बताया कि यह वह शॉट था जो कभी नहीं लिया जा सका। यह घटना फुटबॉल इतिहास में एक यादगार पल बन गई, लेकिन दुर्भाग्यवश, तामिनेन उस पल को अपने कैमरे में कैद नहीं कर पाए। इस चूक ने उन्हें लंबे समय तक परेशान किया है और यह उनकी पेशेवर जिंदगी की एक उल्लेखनीय कहानी बन गई है। तामिनेन की यह टिप्पणी उस क्षण की दुर्लभता और एक फोटोग्राफर के लिए सही समय पर सही जगह पर होने के महत्व को दर्शाती है।
