लीमा फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित होने वाली नई डॉक्यूमेंट्री "एल पार्टिडो" 1986 के मैक्सिको विश्व कप में अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच हुए ऐतिहासिक मैच का पुनर्निर्माण करती है। यह फ़िल्म दर्शाती है कि माराडोना के गोलों के पीछे स्मृति, पहचान और पुराने घावों की एक गहरी लड़ाई छिपी हुई थी। यह मैच सिर्फ़ एक खेल नहीं था, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक तनावों का प्रतीक था। डॉक्यूमेंट्री उस समय के अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच के संबंधों और फ़ॉकलैंड युद्ध के प्रभाव को उजागर करती है। यह फिल्म दिखाती है कि फुटबॉल भी इतिहास, राजनीति और सिनेमा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। "एल पार्टिडो" खेल के माध्यम से राष्ट्रीय पहचान और सामूहिक स्मृति के जटिल संबंधों की पड़ताल करती है। यह डॉक्यूमेंट्री दर्शकों को फुटबॉल के एक नए दृष्टिकोण से सोचने के लिए प्रेरित करती है।