आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से समय बचाने की उम्मीद थी, लेकिन कई कर्मचारियों को अब हर हफ्ते बॉट की देखभाल में घंटों बिताने पड़ रहे हैं। यह स्थिति कर्मचारियों के लिए थकान और तनाव का कारण बन रही है। कंपनियों ने एआई बॉट को लागू किया है ताकि कार्यकुशलता बढ़े, लेकिन बॉट को ठीक से चलाने के लिए मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है। कर्मचारियों को बॉट द्वारा की गई गलतियों को सुधारना, उन्हें प्रशिक्षित करना और उनकी निगरानी करनी पड़ रही है। इस अतिरिक्त कार्यभार के कारण उत्पादकता में कमी आ रही है और कर्मचारियों पर दबाव बढ़ रहा है। विशेषज्ञ इस स्थिति को ‘एआई बेबीसिटिंग’ कह रहे हैं, जहां कर्मचारी एआई बॉट की देखभाल करने में व्यस्त हैं, बजाय इसके कि वे अपने मुख्य कार्यों पर ध्यान केंद्रित करें। यह मुद्दा एआई के कार्यान्वयन की वास्तविक लागत और लाभों पर सवाल उठाता है।