थाईलैंड में एक दुखद घटना में, एक १४ वर्षीय किशोर ने पहले अपने दादा-दादी पर हमला किया और फिर अपने स्कूल में गोलीबारी की। इस घटना में पांच शिक्षक मारे गए और किशोर ने बाद में आत्महत्या कर ली। अधिकारियों का कहना है कि किशोर “दबाव में” था, लेकिन हमले के पीछे के सटीक कारणों की जांच जारी है। यह घटना थाईलैंड में स्कूल हिंसा की दुर्लभता को देखते हुए विशेष रूप से चौंकाने वाली है। प्रत्यक्षदर्शियों ने किशोर को “परेशान” बताया है, जिससे मनोवैज्ञानिक कारकों की भूमिका की ओर इशारा मिलता है। यह घटना देश में बंदूक नियंत्रण और मानसिक स्वास्थ्य सहायता पर बहस को फिर से शुरू कर सकती है। यह एक अत्यंत दुखद घटना है जिसने पूरे समुदाय को हिलाकर रख दिया है।