थाईलैंड द्वारा म्यांमार के राष्ट्रपति और पूर्व सैन्य शासक मिन आंग हलाईंग की मेजबानी की क्षेत्रीय मानवाधिकार समूहों ने आलोचना की है। इन समूहों का कहना है कि थाईलैंड सरकार को व्यापार और आर्थिक सहयोग पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, हलाईंग की यात्रा का उपयोग म्यांमार में मानवाधिकारों में सुधार के लिए दबाव बनाने के लिए करना चाहिए। एमनेस्टी इंटरनेशनल थाईलैंड ने कहा कि बैंकॉक को मानवाधिकारों को एजेंडे का एक प्रमुख मुद्दा बनाना चाहिए। आलोचकों का तर्क है कि हलाईंग को आमंत्रित करने से म्यांमार में मानवाधिकारों के हनन को वैधता मिलती है। मानवाधिकार संगठन थाईलैंड से आग्रह कर रहे हैं कि वह म्यांमार की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम करे। उनका मानना है कि हलाईंग के साथ बातचीत में मानवाधिकारों को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण है। इस मामले में आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है।