थाईलैंड की अपील अदालत ने मानवाधिकार वकील और कार्यकर्ता अनोण नाम्पा को राजद्रोह के मामले में दो साल की जेल की सजा बरकरार रखी है। यह सजा उन्हें नवंबर 2020 में चियांग माई विश्वविद्यालय के कला और संस्कृति केंद्र में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान दिए गए भाषण के लिए दी गई थी। अदालत ने चियांग माई प्रांतीय अदालत के मार्च 2025 के फैसले को कायम रखा है। यह पहला ऐसा मामला है जहाँ राजद्रोह कानून के तहत दी गई सजा को चुनौती दी गई थी और उसे बरकरार रखा गया है। अनोण नाम्पा थाईलैंड में लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए एक मुखर आवाज रहे हैं। इस फैसले से देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर चिंताएं बढ़ गई हैं। यह मामला थाईलैंड में राजशाही की आलोचना पर लगे प्रतिबंधों को भी उजागर करता है।