रूस की सुरक्षा सेवा, एफएसबी ने टेलीग्राम के संस्थापक पावेल दुरोव पर आतंकवाद सहायता का आरोप लगाया है। इसके परिणामस्वरूप, दुरोव को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वांछित घोषित कर दिया गया है। एफएसबी ने इस मामले में आगे कोई विवरण जारी नहीं किया है, जिससे आरोपों की प्रकृति अस्पष्ट बनी हुई है। यह कदम टेलीग्राम और रूसी सरकार के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बीच आया है, क्योंकि टेलीग्राम पर अक्सर सरकार की आलोचना करने वाले चैनलों की मेजबानी की जाती है। दुरोव, जो अब संयुक्त अरब अमीरात में रहते हैं, ने अभी तक इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस घटना से टेलीग्राम के भविष्य और रूस में इसकी उपलब्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं। कानूनी विशेषज्ञ मानते हैं कि यह मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित हो सकता है।