तेहरान में नगरपालिका द्वारा शुरू किए गए नए कल्याणकारी परियोजनाओं को लेकर तीखी आलोचना हो रही है। विवाद का मुख्य कारण इन परियोजनाओं के लिए धन का स्रोत, पारदर्शिता की कमी और मुद्रास्फीति के दावों को लेकर है। आलोचकों का कहना है कि नगरपालिका अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम कर रही है। परियोजना के वित्तपोषण पर सवाल उठाए जा रहे हैं, और पारदर्शिता की कमी के कारण जनता में भ्रम की स्थिति है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं से मुद्रास्फीति और बढ़ सकती है। तेहरान नगरपालिका पर इन आरोपों का जवाब देने का दबाव बढ़ रहा है, और जनता स्पष्टीकरण की मांग कर रही है। इस मामले में आगे की जांच की उम्मीद है।