जापान में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि घर में कुत्ते रखने से किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि कुत्तों के साथ रहने वाले किशोरों के शरीर में मौजूद सूक्ष्मजीवों (माइक्रोबायोटा) की संरचना में बदलाव होता है। यह बदलाव मस्तिष्क के विकास और कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकता है, जिससे चिंता और अवसाद जैसे मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों को कम करने में मदद मिलती है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि कुत्ते के साथ रहने वाले किशोरों में सामाजिक कौशल और भावनात्मक बुद्धिमत्ता का स्तर बेहतर होता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि कुत्ते के साथ खेलने और उसकी देखभाल करने से ऑक्सीटोसिन जैसे हार्मोन का स्राव बढ़ता है, जो तनाव को कम करने और खुशी की भावना को बढ़ाने में सहायक होता है। इस शोध से यह स्पष्ट होता है कि पालतू कुत्ते किशोरों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।