जर्मनी में, एक 16 वर्षीय किशोर कासिपरि को बस में चढ़ते समय डिजिटल टिकट पूरी तरह से लोड न होने के कारण 100 यूरो का जुर्माना भरना पड़ा। टिकट स्कैन करने में कुछ सेकंड की देरी हुई थी, जिसके परिणामस्वरूप यह अमान्य हो गया। परिवहन अधिकारियों ने नियमों का सख्ती से पालन करते हुए जुर्माना लगाया। कासिपरि का कहना है कि टिकट खरीदने के तुरंत बाद ही उसने बस में प्रवेश करने का प्रयास किया था। यह मामला डिजिटल टिकटिंग प्रणाली की विश्वसनीयता और समय की संवेदनशीलता पर सवाल उठाता है। इस घटना ने सार्वजनिक परिवहन में तकनीकी समस्याओं के कारण होने वाली कठिनाइयों पर ध्यान आकर्षित किया है। किशोर के परिवार ने जुर्माने के खिलाफ अपील करने की संभावना जताई है।