सत्रह वर्षीय किशोर, जिसे एस्परगर सिंड्रोम है, ज़्यादातर समय बिस्तर पर बिताता है और निष्क्रिय रहता है। यह स्थिति उसके माता-पिता के बीच तनावपूर्ण संबंधों और पिता के साथ उसके कठिन रिश्ते से जुड़ी हुई है। मनोचिकित्सकों के अनुसार, पिता का व्यवहार हेरफेर करने वाला और सत्तावादी है। किशोर की मानसिक स्थिति पर बचपन से ही निगरानी रखी जा रही है। वर्तमान मनोचिकित्सक ने उसकी निष्क्रियता को लेकर चिंता व्यक्त की है। यह सवाल उठता है कि क्या यह व्यवहार एस्परगर सिंड्रोम से पीड़ित किशोरों में आम है। इस मामले में विशेषज्ञ की राय मांगी गई है ताकि स्थिति का बेहतर आकलन किया जा सके।