ब्रिटेन में एक नॉर्वेजियन किशोर को एक 16 वर्षीय हत्यारे द्वारा भर्ती किया गया था, जो ईरान में स्थित एक गिरोह के लिए काम कर रहा था। पुलिस इस तरीके को “सेवा के रूप में हिंसा” कह रही है। यह गिरोह पहले यहूदी-विरोधी हमलों में शामिल रहा है। किशोर का लक्ष्य अभी तक अज्ञात है, जिससे जांचकर्ता चिंतित हैं। इस मामले ने ब्रिटेन में अपराध की बढ़ती चिंताओं को जन्म दिया है, खासकर युवाओं के बीच हिंसा की घटनाओं को लेकर। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम कर रहा है और अन्य देशों में भी हमले कर सकता है। जांच जारी है और अधिकारी इस मामले की पूरी तह तक पहुंचने के लिए प्रयासरत हैं। यह घटना किशोर अपराध और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के बीच खतरनाक संबंधों को उजागर करती है।