अठारह वर्षीय नीना कैंसर से जूझ रही थी और उसे अपने फॉर्मूला वन हीरो मैक्स वर्स्टैपेन से मिलने का अवसर लगभग चूक जाना था। मैक्स वर्स्टैपेन को जब नीना की स्थिति के बारे में पता चला, तो उन्होंने अपनी योजनाओं में बदलाव किया और नीना से मिलने का फैसला किया। यह मुलाकात नीना के लिए अविस्मरणीय रही और उसे बहुत प्रेरणा दी। वर्स्टैपेन के इस मानवीय gesture ने नीना और उसके परिवार को गहराTouched किया। इस मुलाक़ात से नीना को कैंसर से लड़ने की नई ऊर्जा मिली। यह घटना दिखाती है कि खेल सितारे भी अपने प्रशंसकों के प्रति संवेदनशील होते हैं।