वैश्विक बाजारों में गिरावट देखी गई, जिसका मुख्य कारण बढ़ती ब्याज दरों की चिंता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और प्रौद्योगिकी शेयरों में भारी बिकवाली हुई, जिससे वॉल स्ट्रीट पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। निवेशकों ने तकनीकी कंपनियों के शेयरों को बेचना शुरू कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप बाजार में गिरावट आई। ब्याज दरों में संभावित वृद्धि से कंपनियों के भविष्य के मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका है। इस गिरावट का असर अन्य वैश्विक बाजारों पर भी पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।