तकनीकी अरबपति ब्रायन जॉनसन, जो अपनी दीर्घायु संबंधी खोजों के लिए जाने जाते हैं, अब एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती का सामना कर रहे हैं। उन्हें ऑटोइम्यून गैस्ट्रिटिस नामक बीमारी हुई है, जिसके कारण उनका पेट ‘आत्म-विनाश’ की ओर अग्रसर है। यह स्थिति उनके पिछले अस्वास्थ्यकर जीवनशैली विकल्पों का परिणाम है। जॉनसन, इस बीमारी के इलाज के लिए एक अनूठा दृष्टिकोण अपना रहे हैं। उन्होंने अपने इम्यून सिस्टम की एक करोड़ कोशिकाओं के जीन अनुक्रमण कराने का फैसला किया है। इस विश्लेषण से उन्हें बीमारी के मूल कारणों को समझने और एक लक्षित उपचार खोजने की उम्मीद है। जॉनसन का मानना है कि यह प्रक्रिया उन्हें न केवल अपनी बीमारी से उबरने में मदद करेगी, बल्कि दूसरों के लिए भी एक मिसाल कायम करेगी।