वैश्विक मीडिया मंच, डॉयचे वेले, बॉन में आयोजित किया गया, जहाँ तकनीकी कंपनियों के पत्रकारिता और राजनीति पर बढ़ते प्रभाव पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी तकनीकी कंपनियां अब समाचारों के प्रवाह और सार्वजनिक राय को अभूतपूर्व तरीके से प्रभावित कर रही हैं। इस प्रभाव के कारण पत्रकारिता के पारंपरिक मॉडल खतरे में हैं, और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रिपोर्टिंग की चुनौतियाँ बढ़ रही हैं। मंच पर इस बात पर जोर दिया गया कि मीडिया को तकनीकी कंपनियों की शक्ति का मुकाबला करने और अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए नए रास्ते खोजने होंगे। इस संदर्भ में, तथ्य-जांच, पारदर्शिता और मीडिया साक्षरता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया गया। चर्चा में यह भी शामिल था कि तकनीकी कंपनियों को जवाबदेह कैसे ठहराया जाए और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा कैसे की जाए।
