प्रशासनिक न्यायालय ने ओनलीफ़ैन्स पर सामग्री बनाते हुए पकड़े गए एक शिक्षक को बर्खास्त करने के फैसले को रद्द कर दिया है। केउडा व्यावसायिक विद्यालय के एक पुरुष शिक्षक पर आरोप था कि उसने वसंत 2025 में एक वयस्क छात्र के साथ विद्यालय परिसर में ओनलीफ़ैन्स के लिए सामग्री बनाई थी। इस मामले में, शिक्षक को बर्खास्त कर दिया गया था, लेकिन अब प्रशासनिक न्यायालय ने शिक्षक के पक्ष में फैसला सुनाया है और उसे नौकरी पर बहाल करने का आदेश दिया है। विद्यालय के निदेशक ने इस फैसले को महत्वपूर्ण बताया है। न्यायालय के इस फैसले से शिक्षक की नौकरी सुरक्षित हो गई है। यह मामला शिक्षा क्षेत्र में नैतिकता और व्यक्तिगत जीवन के बीच की सीमाओं पर बहस को जन्म दे सकता है। आगे की कानूनी कार्यवाही की संभावना बनी हुई है।