एक शिक्षक, जेमी वारली, को अपने दत्तक पुत्र प्रेस्टन डेवी की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। प्रेस्टन की मौत महीनों तक यौन और शारीरिक शोषण के बाद हुई थी। वारली ने प्रेस्टन को गोद लिया था, लेकिन बाद में उस पर अत्याचार किया। अदालत ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए अधिकतम सजा सुनाई है। जांच में पता चला कि प्रेस्टन के साथ क्रूरतापूर्वक व्यवहार किया गया और उसकी सुरक्षा में लापरवाही बरती गई। यह मामला बाल शोषण और दत्तक ग्रहण प्रणाली में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है। वारली को अब जेल में अपनी सजा काटनी होगी।