सरकार ने करों के बदले विकास योजना का विस्तार किया है। अब कंपनियां मूल्य वर्धित कर (IGV) का भुगतान स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल परियोजनाओं को वित्तपोषित करके भी कर सकती हैं। यह नई व्यवस्था ग्रामीण, सीमावर्ती क्षेत्रों और आपातकाल घोषित क्षेत्रों में आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं के कार्यान्वयन को सक्षम बनाएगी। पहले यह योजना केवल आयकर पर लागू होती थी, लेकिन अब IGV और अन्य करों को भी इसमें शामिल किया गया है। इस पहल का उद्देश्य बुनियादी ढांचे में सुधार और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना है। सरकार का मानना है कि यह सार्वजनिक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करेगा और विकास परियोजनाओं को गति देगा। यह योजना करदाताओं को सामाजिक रूप से जिम्मेदार निवेश करने का एक विकल्प प्रदान करती है।
