केंद्र सरकार रचनात्मक अर्थव्यवस्था के विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है। आगामी बजट में संगीत और फिल्म उद्योग से जुड़े विभिन्न उत्पादों पर कर में छूट दी जाएगी। इस कदम का उद्देश्य इन क्षेत्रों को प्रोत्साहित करना और विकास को गति देना है। इसके अतिरिक्त, बजट में दवा और चिकित्सा उपकरणों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। सरकार स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इन रियायतों से संबंधित उद्योगों में निवेश बढ़ने और रोजगार सृजन में मदद मिलने की उम्मीद है। बजट में कर नीति में ये बदलाव आर्थिक विकास को संतुलित करने और विशिष्ट क्षेत्रों को समर्थन देने के सरकार के दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।