एक मिश्रित मार्शल आर्ट (एमएमए) फाइटर, जो खुद को गैंगस्टर साबित करने की कोशिश कर रहा था, अदालत में फंस गया है। उस पर अपने दोस्त की गाड़ी तोड़ने का आरोप था। सीसीटीवी फुटेज में वह घटना कैद हुई थी, लेकिन उसकी पहचान उसके पैर पर बने टैटू से हुई। अदालत में उसने सजा के खिलाफ अपील की थी, लेकिन टैटू की वजह से उसकी अपील खारिज हो गई। अदालत ने माना कि टैटू उसकी पहचान साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत है। इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि अपराध करने के लिए इस्तेमाल किए गए किसी भी सबूत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, भले ही वह कितना भी छोटा क्यों न हो। अब आरोपी को अपनी गलती की सजा भुगतनी होगी।